महबूबा मुफ्ती ने एक और ट्वीट करते हुए कहा है कि कैसी विडंबना है कि हमारे जैसे चुने हुए प्रतिनिधि जो शांति के लिए लड़े थे, घर में नजरबंद हैं।
कश्मीर के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं, पिछले कई दिनों से घाटी में घमासान चल रहा है। कश्मीर में सैनिकों की संख्या बढ़ा दी गई है और दूसरी तरफ अमरनाथ की यात्रा पर रोक लगा दी है यहां तक कि कश्मीर सैलानियों को भी आदेश दे दिया गया है कि वह भी यहां से निकल जाए। जिस पर कांग्रेस पार्टी ने भी भाजपा सरकार पर तीखे वार किए हैं और दूसरी तरफ अलगाववादी नेता तो हाथ धोकर पीछे पड़े हुए हैं। कश्मीर में अपनी पकड़ कमजोर होता देख अलगाववादी नेता अलग-अलग तरह के बयान दे रहे हैं।

कश्मीर में महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला, फारूक अब्दुल्ला और बहुत सारे अलगाववादी नेताओं को नजरबंद कर लिया गया है, जिस पर पीडीपी प्रमुख और जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एक बयान दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा है कि बीजेपी का नेता होने के बाद भी अटल बिहारी वाजपेयी की कश्मीरियों के साथ सहानुभूति थी और उन्होंने कश्मीरियों का प्यार हासिल किया, आज उनकी कमी को हम सबसे ज्यादा महसूस कर रहे हैं। Read More

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