सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद के फैसले को 6 महीने के अंदर सुनाने को कहा है

जब भी चुनाव करीब आते हैं बाबरी मस्जिद का नाम जरूर सुनने को मिलता है, कई नेता और पार्टी इसके नाम के बलबूते पर सत्ता में आ चुके हैं, चुनाव आते हैं पार्टी भी सत्ता में आकर बदलती रहती हैं, लेकिन बाबरी मस्जिद का मामला हमेशा यूंही बरकरार रहता है. बाबरी मस्जिद को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा. ऐसे में इस केस पर काम कर रहे न्यायधीश ने अपने कार्यकाल के लिए 6 महीने और मांगे थे. सुप्रीम कोर्ट ने इसकी इजाजत भी दे दी थी. दूसरी और सुप्रीम कोर्ट मस्जिद केस को लेकर एक और फैसला सामने रखा है. इस फैसले को लेकर बीजेपी की भी मुस्किले बढ़ रही है.
बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में बीजेपी के कई बड़े नेता दोषी पाए गए हैं कोर्ट ने बाबरी मस्जिद के फैसले को 6 महीने के अंदर सुनाने को कहा है पिछले काफी समय से सीबीआई भी इस पर काम कर रही है सालों से चल रहे हैं इस केस की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट जल्द से जल्द चाहती हैं

शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि साल 1992 में हुए बाबरी मस्जिद विध्वंस केस का फैसला ट्रायल कोर्ट के जरिए 6 महीने के अंदर सुनाया जाना चाहिए, बीजेपी के बड़े नेता और सीनियर नेता लालकृष्ण आडवाणी मुरली मनोहर जोशी समेत कई आरोपी शामिल है इस केस की सुनवाई सीबीआई ऑफिसर एस के यादव कर रहे हैं जो 30 सितंबर को रिटायर होने वाले है, उन्होंने इससे पहले कोर्ट को पत्र लिखकर सुनवाई के लिए और समय माँगा था और कहा था कि वो इस केस की सुनवाई खत्म करने के लिए और समय चाहते हैं.

No comments:
Post a Comment