भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने भारत का रडार इमेजिंग अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट (RISAT-2B) बुधवार को सफलतापूर्वक अपनी कक्षा में प्रक्षेपित किया। इस मौके पर संगठन ने कहा कि भारत का नया निगरानी उपग्रह अच्छी व स्पष्ट तस्वीरें भेजेगा जिनका उपयोग कृषि, वन विभाग और आपदा प्रबंधन में सहयोग में किया जा सकेगा।
RISAT-2B उपग्रह से ली गई तस्वीरों का उपयोग खुफिया निगरानी के लिए भी किया जाएगा, हालांकि इसरो इस मुद्दे पर शांत है। माना जा रहा है कि सैटेलाइट के सफल लांच होने बाद भारत की सुरक्षा और अधिक मजबूत हो जाएगी।
इसरो के चेयरमैन के. सिवान ने लांच के बाद कहा, “मैं यह घोषणा करते हुए बहुत खुश हूं कि पीएसएलवी-सी46 ने आरआईएसएटी-2बी को कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस मिशन के साथ उड़ान भरने के साथ ही पीएसएलवी रॉकेट ने 50 टन वजन की सीमा को पार कर दिया है। सिवान के अनुसार, पीएसएलवी रॉकेट ने कक्षा में 350 उपग्रह स्थापित कर दिए हैं।
सिवान ने कहा, “रॉकेट में पिगी बैक पेलोड, स्वदेश में विकसित विक्रम कंप्यूटर चिप थे जो भविष्य के रॉकेट में उपयोग किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रमुख मिशन चंद्रयान-2 या दूसरा चंद्र मिशन होगा जो इसी साल 9-16 जुलाई को हो सकता है। Read More

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