सुषमा स्वराज का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। महज 25 साल की उम्र में वह हरियाणा सरकार में सबसे युवा कैबिनेट मंत्री बनीं।
एक बार फिर पूरे देश की आंखे नम हैं भारत सदमें में है। कोई हस्ती हो या आम जनता सभी की आंखों में अपने देश की बेटी को खोने का दर्द साफ झलक रहा है। देश ने एक ऐसी बेटी खो दी है जिसने अपने जीवन में जो कुछ किया देश के हित के लिए किया। भारतीय जनता पार्टी की दिग्गज नेता और भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज 67 साल की उम्र में अंतिम सासं ली। Noida News Noida News Noida News
मंगलवार शाम को उनको दिल का दौरा पड़ा जिसके बाद बेहद नाजुक हालत में उनको दिल्ली के एम्स में भर्ती करवाया गया। जिस वक्त वे एम्स में इलाज के लिए भर्ती थी इस दौरान ना सिर्फ भारत के नेता ब्लकि देश की जनता भी उनके स्वस्थ होने की कामना कर रही थी। लेकिन शायद उनका और हमारा साथ यहीं तक था। देर रात उनके पार्थिव शरीर को जंतर-मंतर स्थित उनके आवास पर लाया गया। Noida News Noida News

अचानक सुषमा के जाने से पूरा देश सदमें में हैं उनके अपने खाश तो दूर लेकिन पूरे भारत की जनता यह मानने को तैयार नही है कि सुषमा स्वराज हम हमारे बीच नही रही। Noida News Noida News
सुषमा स्वराज का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। महज 25 साल की उम्र में वह हरियाणा सरकार में सबसे युवा कैबिनेट मंत्री बनीं। 1977 से 1979 तक सामाजिक कल्याण, श्रम और रोजगार जैसे 8 मंत्रालय मिले थे। सुषमा के खाते में राजनीति के क्षेत्र में और भी कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। सुषमा स्वराज के नाम दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री और देश में किसी राजनीतिक दल की पहली महिला प्रवक्ता बनने की उपलब्धि दर्ज है। साथ ही वे दो बार विधानसभा के सदस्य के रूप में और 4 बार लोक सभा और 3 बार राज्यसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित हुई थीं अलग- अलग पदों पर रहते हुए सुषमा कई सांस्कृतिक और सामाजिक संस्थाओं के साथ जुड़ी रहीं। 27 साल की उम्र में 1979 में वह हरियाणा में जनता पार्टी की राज्य अध्यक्ष बनी थीं। Read More Noida News

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